करोंडो के खर्च के बाद भी बेचारी गोमती नदी की व्यथा!

करोंडो के खर्च के बाद भी बेचारी गोमती नदी की व्यथा!






                                                गोमती नदी का सौंदर्य बढ़ते जल कुम्भी


जल कुम्भी से बचते हुए रह बनती एक कोशिश 




यह बगीचा खेलने के लिए नहीं है बल्कि यह पूर्व सरकार की नज़र अंदाज्गी है


...और सरकार की योजना यहाँ आते-आते ख़तम हो गयी


जल प्रदुषण का डर नहीं इसको, हाले अंजाम की फ़िक्र नहीं





पल भर के लिए ही सही, प्यास तो बुझेगी! स्वच्छ जल है अनमोल



रस्ते चाहे कितनी ही लम्बे हों, सफ़र का मज़ा तो डटे रहने में है 






बचपन की यादों को तलाशते हुए आज भी बह जाता हु उन लहरों में 





चाहे कितनी भी कठनाई हो हर मंज़र को पार करने का दम रखता हु






किनारे तो बहुत मिलेंगे पर मंजिल का मज़ा तो तूफानों को चुनौती दे कर ही आता है


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