लिख दूँ सारी कहानी - कविता - वान्या दीक्षित
कविताओं से लोगों का मन मोह लेने वाली वान्या दीक्षित ने कुछ ऐसा लिखा जो मैं आप सबके साथ संझा करना चाहूँगा।
वान्या की कविता कुछ इस प्रकार है -
बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं
जी में आता है
लिख दूँ सारी कहानी
चाहें हों नई या हों पुरानी
जिन्दगी के हर पन्ने को
किताब सा सजा लूँ
गम हो या निराशा
जी भर के मुस्कुरा लूँ
ख्वाहिशों की शाम को
अपने हौसले दिखा दूँ
उड़कर के एक परिंदे सी
आसमां को पा लूँ
आता तो है जी में
तितली सी कुछ गुनगुना लूँ
कुछ गीत लिख दूँ
खामोशियों के
कुछ शहनाईयाँ बजा लूँ
लेकर के अपनी प्यारी कलम
सारे जहाँ को बना दूँ
भर दूँ रंग खुशियों के
सारे गम को मिटा दूँ
अब लिख ही लेती हूँ
वो ख्वाब एक जीवन का
खुद की बुनी मुस्कान सा
राग एक गजल का
कि फिर मन यही कहेगा
बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं !!
वान्या दीक्षित, छात्रा
पत्रकारिता विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय
बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं
जी में आता है
लिख दूँ सारी कहानी
चाहें हों नई या हों पुरानी
जिन्दगी के हर पन्ने को
किताब सा सजा लूँ
गम हो या निराशा
जी भर के मुस्कुरा लूँ
ख्वाहिशों की शाम को
अपने हौसले दिखा दूँ
उड़कर के एक परिंदे सी
आसमां को पा लूँ
आता तो है जी में
तितली सी कुछ गुनगुना लूँ
कुछ गीत लिख दूँ
खामोशियों के
कुछ शहनाईयाँ बजा लूँ
लेकर के अपनी प्यारी कलम
सारे जहाँ को बना दूँ
भर दूँ रंग खुशियों के
सारे गम को मिटा दूँ
अब लिख ही लेती हूँ
वो ख्वाब एक जीवन का
खुद की बुनी मुस्कान सा
राग एक गजल का
कि फिर मन यही कहेगा
बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं !!
वान्या दीक्षित, छात्रा
पत्रकारिता विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय

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